दण्ड ~ premchand ki kahani

दण्ड संध्या का समय था। कचहरी उठ गयी थी। अहलकार चपरासी जेबें खनखनाते घर जा रहे थे। मेहतर कूड़े टटोल…

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मंदिर और मस्जिद ~ premchand ki kahani

मंदिर और मस्जिद चौधरी इतरतअली ‘कड़े के बड़े जागीरदार थे। उनके बुजुर्गों ने शाही जमाने में अंग्रेजी सरकार की बड़ी-बड़ी…

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सैलानी बंदर ~ premchand ki kahani

सैलानी बंदर जीवनदास नाम का एक गरीब मदारी अपने बन्दर मन्नू को नचाकर अपनी जीविका चलाया करता था। वह और…

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स्वांग ~ premchand ki kahani

स्वांग राजपूत खानदान में पैदा हो जाने ही से कोई सूरमा नहीं हो जाता और न नाम के पीछे ‘सिंह…

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गुल्ली-डंडा ~ premchand ki kahani

गुल्ली-डंडा  हमारे अंग्रेजी दोस्त माने या न मानें मैं तो यही कहँगा कि गुल्ली-डंडा एसब खेलों का राजा है। अब…

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झाँकी ~ premchand ki kahani

झाँकी कई दिन से घर में कलह मचा हुआ था। माँ अलग मुँह फुलाए बैठी थी , स्त्री अलग। घर…

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खुदी ~ premchand ki kahani

खुदी  मुन्नी  जिस वक्त दिलदारनगर में आयी, उसकी उम्र पांच साल से ज्यादा उन थी। वह बिलकुल अकेली न थी,…

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धिक्कार ~ munshi premchand ki kahani

धिक्कार ईरान और यूनान में घोर संग्राम हो रहा था। ईरानी दिन-दिन बढ़ते जाते थे और यूनान के लिए संकट…

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