“चाणक्य ने विद्यार्धियों को लेकर बहुत ही दिलचस्प बातें कहीं है अगर कोई विद्यार्धी इन्हे अपनाता है तो उसे सफलता जरूर मिलेगी। ”

- चाणक्य

“चाणक्य का कहना है कि एक विद्यार्थी को हमेशा क्रोध का त्याग कर देना चाहिए, क्रोध आने पर शांत रहने का प्रयास  करना चाहिए। ”

- चाणक्य

“क्योंकि क्रोध हमेशा ऐसे कार्य करवा देता है जिसके कारण बाद में पछताने की अलावा और कुछ नहीं बचता। ”

- चाणक्य

“एक अच्छे विद्यार्थी को हमेशा लोभ से दूर रहना चाहिए अर्थात लालच का त्याग कर देना चाहिए। ”

- चाणक्य

“लालची व्यक्ति की बुद्धि पर पर्दा डाल देता है। इसलिए लालच का त्याग एक विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है।  ”

- चाणक्य

“एक अच्छे विद्यार्थी को स्वादिष्ट पदार्थों की इच्छाओं का त्याग भी कर देना चाहिए। यही एक अच्छा विद्यार्धी होने का गुण होता है।   ”

- चाणक्य

“चाणक्य की माने तो विद्यार्थी को अधिक श्रृंगार से बचना चाहिए हमेशा सादा बनकर रहना चाहिए। यह एक अच्छे विद्यार्थी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। ”

- चाणक्य

“विद्यार्थी के लिए त्याग करने लायक सबसे बड़ी और आखरी चीज है निंद्रा यानि सोना, विद्यार्धी को हमेशा जल्दी सोकर सुबह जल्दी उठना चाहिए। ”

- चाणक्य

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