चाणक्य नीति में कुछ जानवरों से सिख लेने वाली बातें कहीं गयी हैं जो मनुष्य को सफल और सतर्क बनाने का काम करती हैं। 

- चाणक्य

“काम छोटा हो या बड़ा व्यक्ति को शुरू से ही उसमे अपनी पूरी शक्ति लगा देनी चाहिए। यह गुण हमे शेर से सीखना चाहिए। ”

- चाणक्य

“समय पर जगाना, युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहना, अपने साथियों को उचित हिस्सा देना ये बातें हमें मुर्गे से सीखनी चाहिए। ”

- चाणक्य

“समय-समय पर वस्तुएं इकट्ठी करना, हमेशा सावधान रहना और किसी दूसरे पर पूरी तरहं विश्वास न करना ये पांच बातें कौए से सीखनी चाहिए।”

- चाणक्य

“अधिक भोजन की क्षमता होने पर भी कम भोजन में संतुष्ट हो जाना, जरा सी आहट से नींद से  जाग जाना, मालिक से प्रेम करना और बहादुरी से लड़ना ये गुण कुत्ते से सिखने चाहिए।

- चाणक्य

“थके रहने पर भी मेहनत करना, सर्दी गर्मी की चिंता न करना और अपने जीवन से संतुष्ट रहना यह गुण हमें गधे से सिखने चाहिए।”

- चाणक्य

अग्नि, गुरु, ब्राह्मण, गाये, कुंवारी कन्या, बूढ़ा आदमी और छोटे बच्चे इन सबको कभी भी पैर से नहीं छूना चाहिए।

- चाणक्य

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