“ विद्यार्थी को इन चीजों का त्याग करना चाहिए”

- चाणक्य

“जो विद्यार्थी अपने क्रोध का त्याग नहीं कर सकता, वह ज्ञान हो कर भी अज्ञानी के समान होता है।”

- चाणक्य

“विद्यार्थियों को लोभ यानी लालच त्याग करना चाहिए।”

- चाणक्य

“एक अच्छे विद्यार्थी को स्वादिष्ट भोजन का त्याग कर देना चाहिए। ”

- चाणक्य

“विद्यार्थी जीवन में छात्रों को शृंगार आदि से दूर रहना चाहिए।”

- चाणक्य

“विद्यार्थी को अपनी सीमा में रहकर ही हंसी-मजाक करना चाहिए।”

- चाणक्य

“एक अच्छे विद्यार्धी को अपनी अधिक नीद का त्याग  कर देना चाहिए।”

- चाणक्य

चाणक्य के अनुसार ऐसे व्यक्ति का घर हमेशा सुखी रहता है।