खटु और बटु के समझदार बच्चे | stories for kids in Hindi

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खटु और बटु

खटु और बटु के समझदार बच्चे

एक बार एक छोटे से गांव में एक खुशहाल परिवार रहता था परिवार में एक किसान जिसका नाम श्याम था, उसकी पत्नी जिसका नाम ममता था और उसके दो बच्चे जिनका नाम खटु और बटु था। 


श्याम उन्हें बहुत प्यार करता था खेतों में काम से वापिस आने पर वह उनके लिए दुकान से मीठी चीजें लाता था। दोनों खाते और बहुत खुश होते।

 

उनकी ममी उनके लिए हर रोज अच्छे अच्छे पकवान बनाती थी। दिन में उन्हें पढ़ाती थी और उनके साथ समय निकाल कर खेलती थी समय गुजरता चला गया। 


खटू और बटु शादी के लायक हो गए खटू और बटु बहुत ही पढ़ लिख चुके थे जिस कारण उन्हें सरकारी नौकरी भी मिल गई थी। 


कुछ समय बाद उन्होंने शादी कर ली। खटु और बटु ख़ुशी ख़ुशी रहने लगे पर वह अपने माँ बाप की सेवा नहीं करते थे। 


खटु और बटु के माता पिता की अब बहुत ज्यादा उम्र हो चुकी थी जीसके कारण वह कोई भी काम ढंग से नहीं कर पाते थे। वह खेतो का काम भी नहीं कर पाते थे। खटु और बटु उनका कहना नहीं मानते थे और खेतों का काम भी नहीं करते थे जिस कारन खेत बंजर हो गए। 


लेकिन एक दिन ऐसा आया कि खटु और बटु ने अपने माता पिता को घर से निकाल दिया और उनके माता पिता खेतों में जाकर रहने लगे वहां उनका छोटा सा मकान हुआ करता था। 


वह यह सोचकर रोने लगते थे कि हमने खटू और बटु को कितने प्यार से पाला था और उन्होंने हमें घर से ही निकाल दिया। 


खटु और बटु के पास उस समय 10-10 साल के लड़के थे। पर वह खटु और बटु के माता पिता यानि अपने दादा दादी से बहुत प्यार करते थे और खटु बटु भी अपने बच्चों से  बहुत प्यार करते थे उनके बच्चे बहुत समझदार थे। समय के साथ वह भी बड़े हो गए और खटू बटु ने उनकी शादी कर दी। 


कुछ समय बाद वह भी सरकारी नौकरी करने लगे। उन्होने अपने माता पिता को सबख सीखने की ठानी। जैसे खटु और बटु ने अपने माता पिता को घर से निकाला था ठीक वैसे ही उनके बच्चों ने उन्हें घर से बहार निकाल दिया। 


तब खटू और बटु को समझ आया कि हमारे माता पिता ने हमें कितने प्यार से पाला था फिर भी हमने उन्हें घर से निकाल दिया था। 


इस बात से शर्मिंदा होकर वह अपने माता पिता से माफ़ी मांगने के लिए चले गए। खटु और बटु ने अपने माता पिता से माफ़ी मांगी जिससे उनके माता पिता ने उन्हें माफ़  कर दिया और उन्हें वह घर वापिस लेकर आ गए और  उनकी सेवा करने लगे। 


यही देखते हुए खटु बटु के बच्चों ने भी खटु बटु को घर वापिस ला दिया और कहने लगे-


 “देखा माँ और पिता जी अगर आप अपने माता पिता की सेवा नहीं करोगे और उन्हें घर से निकलोगे तो आपके बच्चे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे”। 

(कहानी से शिक्षा) 

इस कहानी से हमें दो शिक्षाएं मिलती है पहली ये की हमें अपने माता पिता की सेवा करनी चाहिए और दूसरी कि आप जैसा करोगे वैसा ही भरोगे। 

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