1.5 जूँ और खटमल की कहानी (Panchatantra Small Stories In Hindi)

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एक बार एक राज्य में बहुत धनवान राजा के सोने के कमरे में  राजा के रेशमी कपड़ों के बिच एक जूं रहा करती थी। जब राजा रात में सोने के लिए जाते और अपने खाट पर लेट जाते तो वह जूं निकल कर उनका रक्त चूसकर अपना जीवन व्यतीत करती। सब कुछ अच्छा ही चल रहा था। 

एक दिन उसके पास एक खटमल आया (एक जिव जो गंदे खाट में या कुर्सियों में रहता है ) जूं उसे देख लेती है और कहती है –

“तुम यहाँ क्यों आये हो क्या तुम्हे कहीं ओर रक्त चूसने को नहीं मिला।”

इसपर खटमल कहता है –

“ऐसा नहीं है मैंने तरह-तरह के मनुष्यों का रक्त चखा है। कसैला, कड़वा, खारा आदि तरह के रक्त का स्वाद भी मैंने चखा है लेकिन इस राजा का मीठा खून मैंने नहीं चखा इसलिए मैं आज इस राजा का रक्त चखने आया हूँ।”

खटमल जूं से बहुत अधिक निवेदन करता है कि मुझे राजा का रक्त चखने दे। जूं ने उसे रक्त चखने की आज्ञा दे दी पर एक सलाह सामने रखी और कहा-

 “मैं राजा का खून रात में जब राजा सोते हैं तब चूसती हूँ इसलिए तुम भी राजा का खून राजा के सोने पर ही चूसना और झटपट से चले जाना। इसलिए तब तक तुम मेरे साथ रहो।” 

दोनों बैठ कर राजा का इंतजार करने लगते हैं राजा सोने के समय अपनी खाट पर लेट जाते हैं। खटमल से अब इंतजार नहीं हो रहा था उसने राजा के सोने से पहले ही राजा का रक्त चूसा राजा को एकदम सुई सी चुभी। तभी राजा ने अपने रक्षकों को बुलाया और कहा- 

“यहाँ अवश्य ही कोई खून पिने वाला जीव है इसलिए उसे ढूंढो और मारो।”

राजा के रक्षक राजा के वस्त्रों को एक-एक कर जांचते है लेकिन खटमल अपनी फुर्ती से वहां से भाग जाता है और उन्हें जूं दिखाई देती है जिसे वह मार देते हैं। 

शिक्षा 

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि किसी भी अनजान को अपने घर में आश्रय नहीं देना चाहिए।

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