moral stories in Hindi pdf | नैतिक कहानियां पीडीऍफ़

moral stories in hindi pdf का सैंपल एक कहानी 

कभी भी घमंड न करें 

एक बार एक गाय जंगल में घास चरने के लिए गई वह बड़े मज़े से घास चर रही थी। घास चरते-चरते वह बहुत अधिक घने जंगल में चली गयी जब उसने अपना सर ऊपर उठा कर देखा तो गाय ने अपने चारों तरफ बहुत अधिक पेड़ घास और काँटों भरे झाड़ देखे।
 
 गाय को महसूस हुआ कि वह जंगल में रास्ता भटक गई है। गाय को अपने घर जाने का रास्ता ढूंढ़ते हुए श्याम हो गई। गाय ने सोचा मैं आज घर नहीं जा पाऊँगी पर मेरा मालिक मुझे ढूँढ़ते हुए यहाँ जरूर आ जायेगा गाय यह सोचकर वहीँ पर आराम करने लगी। 
 
जब गाय आराम कर रही थी तब उसी जंगल में एक  शेर अपना खाना ढूंढ रहा था। शेर को खाना ढूंढ़ते हुए गाय बैठी हुई दिखाई दी शेर मन ही मन में कहने लगा-
 
 “आज तो दावत मिल गई है पहले मुझे कभी ऐसा खाना नहीं मिला” 
 
यह कहकर शेर गाय को खाने के लिए भागने लगा। गाय ने शेर को अपनी तरफ आते हुए देखा और जोर से चिल्लाई-
 
 “मालिक मुझे बचाओ ” 
 
बस यह कहकर गाय वहाँ से भागने लगी आगे-आगे गाय पीछे-पीछे। शेर भागते हुए उसके करीब पहुँचने लगा गाय घबरा गई। गाय भागते हुए बहुत अधिक थक चुकी थी तभी गाय को भागते हुए एक तालाब दिखाई दिया।
 
गाय तालाब की तरफ भागने लगी गाय ने मन ही मन में बोला-
 
 “तालाब में मैं शेर से बच जाऊँगी” 
 
उसी समय गाय ने तालाब में झलांग लगा दी। शेर ने गाय को खाने के लिए उसी तालाब में झलांग लगा दी। पर गाय ने जिसे तालाब समझा था वह एक कीचड़ भरा कुण्ड था जिसे दलदल भी कहा जाता है। गाय दलदल में धसने लगी और शेर भी दलदल में धसने लगा। शेर आधा धस चूका था और गाय भी आधी धस गई। तभी गाय ने शेर से सवाल किया कि-
 
 
“क्या तुम्हारा कोई गुरु मालिक है “शेर ने हंसकर जवाब दिया” 
 
मेरा कोई गुरु या मालिक नहीं है बल्कि मै इस जंगल का राजा हूँ” शेर को अपने ऊपर बहुत घमड़ था। इसपर गाय बोली-
 
 “तुम्हारा कोई मालिक नहीं है पर मेरा तो मालिक है” 
 
शेर ने घमंड में जवाब दिया-
 
 “हा हा हा…..  पर हम तो दोनों मरने वाले हैं जब जंगल का राजा ही अपनी जान नहीं बचा सकता तो तुम कैसे अपनी जान बचोगी”
 
गाय ने बड़े गर्व से शेर को कहा-
 
“मेरा मालिक अभी आकर मुझे बचा लेगा “। 
 
जब गाय गर्दन तक डूब गई तो उसका मालिक वहां आ गया और गाय को दलदल से बचा लिया। पर गाय और उसके मालिक ने अपनी जान बचाने के लिए चाहते हुए भी शेर को नहीं बचाया।  
 

कहानी की शिक्षा

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि भले ही किसी के ऊपर निर्भर होना अच्छी बात नहीं है पर अपने आपको कभी भी ये नहीं समझना चाहिए कि मै ही सब कुछ हूँ, मैं ही शक्तिशाली हूँ अर्थात अपने ऊपर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। 
 
इस कहानी में शेर घमंडी मन का प्रतिक है, गाय पवित्र ह्रदय का प्रतिक है तथा गाय का मालिक भगवान का प्रतिक है और तालाब संसार का प्रतिक है।

moral stories in Hindi pdf में ये कहानियां हैं

  • कभी भी घमंड न करें  
  • किसी के हुनर पर मत हंसो। दो घड़ों की कहानी  
  • लकड़हारे की कुल्हाड़ी 
  • ईमानदार कुत्ता और लालची बिल्ली 
  • समझदार पापा की प्रेणादायक कहानी। एकता में बल है।   
  • मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती
  • अधूरा ज्ञान बर्बादी का कारण।  
  • सोने का अंडा देने वाली मुर्गी  
  • दो गरीब दोस्तों की प्रेरक कहानी  
  • राजा और बंदर की कहानी  
  • दीपावली से सीख
  • अभय कौन ?
  • सबसे खराब क्या
  • चन्दन और कीचड़ 
  • गम से लाभ
  • मन का डर
  • बल से बड़ी बुद्धि

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ebook nameसबसे अच्छी नैतिक कहानियां
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