नीरज चोपड़ा की सफलता की कहानी | Success life story of neeraj chopra.

neeraj chopra
Neeraj Chopra

नमस्कार दोस्तों आज आप इस आर्टिकल में पढोगे कि किस प्रकार नीरज चोपड़ा ने सफलता की ऊंचाइयों को छुआ और उसके पीछे उन्होंने कितनी मेहनत की। उनकी जिंदगी की पूरी कहानी के बारे में आज आप इस आर्टिकल में जानोगे। आज उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर पुरे देश का नाम रोशन किया है और भाला फेंक जैसे खेल में नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। 13 साल बाद भारत को एक नया गोल्ड मैडल प्राप्त हुआ है। नीरज चोपड़ा के गोल्ड मैडल जितने के बाद वह रातों-रात फेमस हो गए और करोडो रूपए उनके ऊपर बरसने लगे।

आईये जानते है कि उन्हेने ओलम्पिक तक का सफर करके गोल्ड मैडल कैसे हासिल किया और कितनी मेहनत की। नीरज चोपड़ा का जन्म हरयाणा के पानीपत के खांद्रा गांव में 1997 को हुआ था। उनके पिता किसान हैं और उनकी माता हॉउस वाइफ है। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई पानीपत से की और ग्रेजुएशन BA से की। नीरज बचपन मोटे हुआ करते थे और लोग उन्हें मोटा कहकर बुलाते थे।

लेकिन उहने इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था वह अपनी पढ़ाई और अपनी खेल पर ही ध्यान दिया करते थे। लेकिन उनका वजन बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा था इसलिए उनके चाचा उसे ग्राउंड में रनिंग करने के लिए ले जाने लगे। ग्राउंड में कुछ लड़को को भाला फेंकते देख उनके मन में भी भाला फेंकने की इच्छा हुई और जब उन्होंने पहली बार भाला फेंका तो बहुत दुरी तक फेंका। उस दिन से ही नीरज भला फेंकने लगे और घर से भी उन्हें अच्छा सपोर्ट मिल रहा था। जिस कारण वो खेल में अच्छा पर्फ़ोम कर रहे थे। लेकिन एक दिन उनकी कलाई में फेक्चर हो गया।

उन्होंने हार नहीं मानी और 15 साल की उम्र में उन्होंने 2012 के एथेलटिक्स गेम्स में स्वर्ण जीता और 2016 में 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने IAAF चैम्पियनशिप में 86.48m दूर भाला फेंका और गोल्ड मैडल अपने नाम किया। इसी दौरान मैडल जितने पर जूनियर कमीशन ऑफिसर की नौकरी मिल गयी जिससे उनकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।

अब वो अपनी ट्रेनिंग का खर्चा निकालने के साथ अपने परिवार की मदद भी कर रहे थे। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग को जारी रखा और 2018 के एशियन गेम्स में 88 मीटर से ज्यादा दूर भाला फेंक गोल्ड मैडल अपने नाम किया और कॉमन वेल्थ गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मैडल जीता था। इसके बाद वो कंधे की चोट का शिकार होने के कारण 2 साल ट्रेनिंग से दूर रहे। उनकी कंधे की चोट रिकवर होने में 2 साल का समय लग गया और वो दोबारा ट्रेनिंग में जुट गए।

आखिरकार वो समय आ गया कि जब 2020 का ओलम्पिक 2021 में ऑर्गनाइस हुआ और नीरज को ओलम्पिक में भाग लेने का मौका मिल गया। उन्होंने क्वालीफाई किया और जाब्लिंग को थ्रो करके 87.58 मीटर दूर भाला फेंक भारत को गोल्ड मैडल दिला दिया। उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि अगर होसलें बुलंद हो तो हमें इतिहास रचने से कोई नहीं रोक सकता। अब जान ले कि उनको सरकार द्वारा कौन कौन से इनाम दिए गए।

 

सरकार द्वारा दिए गए इनाम

हरियाणा सरकार की तरफ से नीरज को 6 करोड़ रूपए और फर्स्ट क्लास की नौकरी का एलान है और पंचकूला में जमीन खरीदने पर 50 प्रतिशत की रियायत देगी. साथ ही हरियाणा सरकार ने यह भी घोषणा की है कि नीरज को पंचकुला में बनने वाले एथलेटिक्स के सेंटर फॉर एक्सीलेंस का प्रमुख बनाया जाएगा। पंजाब सरकार की तरफ से उन्हें 2 करोड़ की राशि का एलान किया गया है।

सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई भी शामिल हुआ और एक करोड़ रुपये देने का ऐलान कर दिया. ऐसे मौकों पर जब उपहारों के मेघ बरस रहे हों तो आपीएल की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने हिस्से का उपहार नीरज पर बरसाए. सीएसके ने भी एक करोड़ रुपये देने का एलान किया। महिंद्रा ने एलान किया कि नीरज चोपड़ा जैसे ही इंडिया वापस लौटेंगे उन्हें एसयूवी 700 गिफ्ट किया जाएगा।

भारतीय एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने नीरज को एक साल के लिए फ्री उड़ान की सुविधा देने का ऐलान कर दिया है। तो देखा आपने अपने टेलेंट को पहचान कैसे अपनी मेहनत की दम पर नीरज ने अपने आप को पूरी दुनिया में फेमस बनाया। आप भी अपने टेलेंट को पहचानों और उसके दम पर मेहनत करके सफल बनो। अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे शेयर करें और ऐसी ही कहानियां पढ़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज RK STORIES को भी like करें

Leave a Comment