गूगल की सफलता की कहानी | Google success story in Hindi

Google success story in Hindi

गूगल के बारे में जानकारी

क्या आप भी अपने कंप्यूटर या मोबाइल फोन में गलती से कोई सर्च इंजन खुलने पर उसमे सर्च करने को बेहतर नहीं समझते और बंद करके गूगल में सर्च करना ही बेहतर समझते हैं। ऐसा इसलिए है कि गूगल ही एक ऐसा सर्च इंजन है जिसमे आधे से ज्यादा दुनिया सर्च करना पसंद करती है और गूगल इसका झट से सही जवाब दे देता है। आज की टेक्नोलॉजी के आधार पर आप इसमें वॉइस सर्च भी कर सकते हैं जिससे किसी भी सवाल का जवाब खोजने में सहूलियत मिल जाती है। आज के समय में गूगल ही इंटरनेट की दुनिया का बादशाह है। गूगल ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है जिससे दुनिया इस पर भरोसा करती है। पर शायद आप इसकी सक्सेस स्टोरी के बारे  में नहीं जानते होंगे इसलिए हम आपके लिए गूगल की सफलता की कहानी के बारे में जानकारी देंगे उम्मीद है आपको यह पसन्द आएगी। 
 

गूगल के फाउंडर लैरी पेज

गूगल को लैरी पेज और उनके दोस्त सरगि ब्रीन ने बनाया था। लैरी पेज के पिता कोल विक्टर अपने शहर की यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर थे और उनकी माँ भी उन्ही के साथ यूनिवर्सिटी में कम्प्यूटर साइंस ही पढ़ाती थी। उनके घर में बहुत सारे कंप्यूटर और गैजेट पड़े रहते थे और लैरी पेज उनको हर रोज देखते थे कि यह काम कैसे करते हैं। शायद इसी कारण लैरी पेज को कम्प्यूटरों में रूचि हो गई थी।  वे उन्हें खोलते और समझते कि यह काम कैसे करते हैं। जब वे बहुत ही छोटी उम्र के थे तो उन्होंने जान लिया था कि उन्हें चीजों का अविष्कार करना हैं और बिज़नेस खड़ा करना है।
 

गूगल के को फाउंडर

 इसके बाद वह बिज़नेस को बहुत गहराई से समझने लगे जब वह पीएचडी कर रहे थे तब उनकी मुलाकात सर्गी ब्रिन से हुई जो आगे चलकर गूगल के कोफाउंडर बने पीएचडी में उन्होंने टॉपिक वर्ल्ड वाइड वेब को चुना जो उनकी दोस्ती का कारण बना। 

एल्गोरिदम की खोज

दोनों के सोच विचार मिलते थे इसलिए दोनों ने कुछ नया करने की ठानी। बहुत सोच विचार करने के बाद उन्होंने एक ऐसे एल्गोरिदम को खोजने में सलाह बनाई जो सभी वेबसाइट को एक साथ लिंक कर सके और सवाल के सबसे अच्छे जवाब के हिसाब से उन्हें रैंक दे सके। बस अब वे इसी एल्गोरिदम की रिसर्च में जुट गए वो बहुत मेहनत करते और रिसर्च करते। आखिरकार एक ऐसा दिन आया जब उन्होंने ऐसा एल्गोरिदम खोज लिया

लैरी पेज का कर्ज लेना

 जब उनकी  यह रिसर्च सफल हुई। इसके बाद उन्होंने अपने कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 10 लाख डोलर का कर्ज लिया इन पैसों से उन्होंने google inc. की स्थापना की। उनकी रिसर्च से गूगल दुनिया का सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन बन गया और आप भी इस सर्च इंजन का उपयोग आज कर रहे हैं। 
 

गूगल बना सफल कंपनी

गूगल सिर्फ सर्च इंजन तक ही सिमित नहीं रहा बल्कि दुनिया का सबसे लोकप्रिय मोबाईल os एंड्राइड गूगल द्वारा लॉन्च किया गया और यही नहीं गूगल ने दुनिया का सबसे लोकप्रिय वीडियो प्लेटफार्म यूटुब जिसमे आप वीडियो देखते हैं को बुलंदियों तक पहुँचाया ऐसा कोई नहीं है जिसके पास मोबाईल हो और यूटुब न चलाता हो। जीमेल भी गूगल का ही प्रोडक्ट है जो आज आप इस्तेमाल करते हैं गूगल के लगभग 50 से भी ज्यादा प्रोडक्ट हैं जो आज सफल हैं। 

लैरी पेज के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

लैरी पेज की सफलता कुछ ऐसी है कि अगर आप इंटरनेट चलते हैं तो इसकी शुरुआत गूगल से ही होती है। आपको यह जानकर अपने देश पर गर्व होगा कि वर्तमान समय में गूगल के ceo पिचाई हैं। तो देखा आपने कि गूगल कैसे सफल हुआ आज लैरी पेज दुनिया में सबसे अमीर व्यक्तियों में 12 वें नम्बर पर हैं और आज इसी गूगल की सहयता से लाखो लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि गूगल ने लैरी पेज और सर्गी ब्रेन को सबसे यंगेस्ट करोड़पति बना दिया था। 
 

गूगल नाम क्यों पड़ा

गूगल की सहायता से लोग घर बैठे ही कमाते हैं। गूगल का नाम गूगोल से लिया गया है जो गणित में प्रयोग किया जाता है इसका अर्थ होता है किसी भी अंक के पीछे सौ जीरो। पर उनके पास से इसकी स्पेलिंग गलत हो गई और गूगल बन गया।
 

गूगल की कमाई का प्रमुख स्त्रोत

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल की कमाई का प्रमुख स्त्रोत एड्स हैं गूगल एडसेंस के द्वारा अपनी आधे से ज्यादा आमदनी कमाता है। अगर आपको यह जानकारी (Google success story in Hindi) पसंद आयी हो तो इसे शेयर कर सकते है और हमें कमेंट करके बताये कि आपको यह जानकारी कैसी लगी अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद। 

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