हरनाज कौर संधू की सफलता की कहानी। success story of harnaaz sandhu in hindi

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दो शब्द

21 सालों बाद मिस यूनिवर्स खिताब को अपने नाम कर लिया है और इस किताब को भारत के नाम करने वाली लड़की का नाम है हरनाज संधू इससे पहले यह खिताब साल 2000 में लारा दत्ता ने भारत के लिए जीता था इसी साल हरनाज संधू का जन्म हुआ था।

 70 वीं  मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता का आयोजन इजरायल में चल रहा था जिसमें 80 देशों की लड़कियां मिस यूनिवर्स के ताज के लिए एक दूसरे से कॉम्पटिट कर रही थी 12 दिसंबर को यह ताज भारत में रहने वाली हरनाज संधू को पहनाया गया। इससे पहले 1994 में पहली बार सुष्मिता सेन और दूसरी बार 2000 में लारा दत्ता ने खिताब जीता था

 

हरनाज कौर संधू का परिचय

 भारत की हरनाज संधू अभी सिर्फ 21 साल की है और वह चंडीगढ़ पंजाब से बिलॉन्ग करती है और अभी वह अपनी मांस्टर्स की पढ़ाई भी कर रही है । उन्होंने चंडीगढ़ की शिवालिक पब्लिक स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की थी और उसके बाद वह कॉलेज के साथ-साथ मॉडलिंग भी करने लगी।

वैसे तो हरनाज संधू के पूरे परिवार में लोग या तो खेती से बिलॉन्ग करते हैं या गवर्नमेंट जॉब से लेकिन साल 2017 में उन्होंने जब अपने कॉलेज में होने वाले मॉडलिंग शो में परफॉर्मेंस दी और इसी लाइन में अपना करियर बनाने की सोची। उसके बाद उन्होंने इंडिया में होने वाले कई मॉडलिंग कंपटीशन जीते थे साथ ही उन्होंने तो पंजाबी फिल्मों में भी काम किया।

 

हरनाज कौर संधू की जिंदगी की मुसीबतें

 शायद आप इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाओगे कि वह कभी डिप्रेशन का शिकार भी रही थी दरअसल हरनाज बचपन से ही काफी इंट्रोवर्ट दुबली पतली सी लड़की थी जो हर वक्त लोगों की नजरों में आने से बचना चाहती थी । स्कूल में हरनाज का मजाक उड़ाया करते थे और इसी वजह से वे धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो गई और आपको पता ही है  एक बार डिप्रेशन के चंगुल में फंस जाए तो उसका क्या होता है ।

लेकिन हरनाज ने हार नहीं मानी वही उनकी करीबी दोस्त और परिवार वालों ने नाजुक दौर में उनका साथ नहीं छोड़ा।17 साल की उम्र वे डिप्रेशन से बाहर आ गई और उसके बाद आज उन्होंने पूरी दुनिया के सामने मिस यूनिवर्स के मंच पर बेखौफ होकर अपने जवाब के जरिए पूरी दुनिया को अपने सामने नतमस्तक होने को मजबूर कर दिया इस कंपटीशन के लास्ट में 3 देशों के प्रतियोगी बचे थे इंडिया, पराग्वे और साउथ अफ्रीका बाकी सारे देश आउट हो चुके थे।

 

हरनाज कौर संधू से पूछे गए सवाल

टॉप फाइव कंटेस्टेंट के बीच हुए राउंड में भी उनसे जलवायु परिवर्तन से जुड़ा एक सवाल पूछा गया था । उससे पूछा गया कि ज्यादातर लोग सोचते हैं । कि जलवायु परिवर्तन एक छलावा है ऐसा कुछ भी नहीं होता आप इसे कैसे समझाएंगी हरनाज ने जवाब दिया कि मेरा दिल टूट जाता है । जब मैं प्रकृति को देखती हूं क्योंकि प्रकृति इतनी दिक्कतों से गुजर रही है और यह सब हमारे गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण होता है । मैं मानती हूं यह समय बात कम और काम ज्यादा करने का है क्योंकि हमारा हर एक काम करती हो या तो बचा सकता है या नष्ट कर सकता है

 

 इन तीनों देशों के कंटेस्टेंट से एक सवाल पूछा और सवाल था कि आज के समय में दबाव का सामना करने वाली युवा महिलाओं को क्या सलाह देना चाहिए । जिससे वे उनका सामना कर सके और जजस को हरनाज का जवाब सबसे अच्छा लगा हरनाज ने जवाब दिया कि आज के युवा का सबसे बड़ा दबाव उनका खुद पर भरोसा करना है यह जानना है कि आप अनोखे हो यह आपको खूबसूरत बनाता है । अपने आप की दूसरों से तुलना करना बंद करिए और पूरी दुनिया में जो हो रहा है उस पर बात करना बेहद जरूरी है । बाहर निकलिए खुद के लिए बोलिए आप ही अपने जीवन के नेता है आप ही खुद की आवाज है मैं खुद में विश्वास करती हूं और मैं इसलिए आज यहां पर खड़ी हूं।

प्रकृति को नष्ट होने से बचाना और उसकी सुरक्षा करना बाद में पछताने और इसकी मरम्मत करने से कई ज्यादा बेहतर है मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता सिर्फ सुंदर दिखने से ही नहीं जीती जाती वहां जजेस आपके दिमाग और पर्सनैलिटी के हर पहलू को जज करते हैं और हरनाज कौर संधू इन सभी पहलुओं में खरी पायी गयी। इन जवाबों ने ही हरनाज को मिस यूनिवर्स का ख़िताब दिला दिया और भारत का सिर एक बार फिर गर्व से ऊँचा हो गया।

 

सफलता

तो देखा अपने दोस्तों अगर आपके अंदर कुछ करने का जज्बा है तो आपको जितने और कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। तो अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ते रहें और कामयाब होने के लिए पूरी जान लगा दे। जी जान से मेहनत करें। आपको कामयाब होने से कोई रोक नहीं पायेगा। जैसे हरनाज कौर संधू ने जिंदगी के संघर्षों से लड़ते हुए मिस यूनिवर्स का ख़िताब अपने नाम किया।

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